Wednesday, October, 28,2026

केमिकल्स की कमी से 30 फीसदी तक महंगे हुए ग्रीन पटाखे

जयपुर: दीपावली पर आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाएगा, लेकिन इस बार पटाखे खरीदने के लिए जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। केमिकल्स की उपलब्धता में कमी और अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध जैसी वैश्विक परिस्थितियों से उत्पादन लागत बढ़ने के कारण ग्रीन पटाखे पिछले साल के मुकाबले 25 से 30% तक महंगे हो गए हैं। दूसरी ओर पटाखों की पसंद भी बदल रही है। जमीन पर चलने वाली चकरी और फुलझड़ी के बजाय आसमान में घूमती चकरी और रंग-बिरंगी आतिशबाजी लोगों को लुभा रही है। पिज्जा और बस जैसे नए डिजाइन भी बाजार में उपलब्ध हैं।

कारोबारियों को उम्मीद है कि एक नवंबर से बाजार में बूम आएगा और जयपुर में पटाखों की बिक्री करीब 20 करोड़ रुपए तक पहुंच
सकती है। पटाखा कारोबारियों के अनुसार, केमिकल्स की कमी और बढ़ती कीमतों का असर सीधे उत्पादन लागत पर पड़ा है। वैश्विक परिस्थितियों के चलते कच्चा माल महंगा होने से इस बार ग्रीन पटाखों के दाम में उछाल आया है। बढ़ी कीमतों के बावजूद व्यापारियों को दीपावली के आखिरी दिनों में बिक्री तेज होने की उम्मीद है।

आसमानी आतिशबाजी की ओर बढ़ा रुझान

पटाखों के बाजार में इस बार पसंद का नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। जमीन पर घूमने वाली चकरी और फुलझड़ी के प्रति बच्चों का आकर्षण घट रहा है। उनकी जगह आसमान में घूमती चकरी और डार्क पिंक, वायलेट सहित अलग-अलग रंगों की रोशनी बिखेरने वाली आतिशबाजी ले रही है। पिज्जा और बस जैसे नए डिजाइन भी बाजार में उतारे गए हैं। कारोबारियों के मुताबिक, उत्पादों के रंग-रूप और डिजाइन में लगातार बदलाव हो रहा है।

ग्रीन पटाखे ही बिक्री के लिए उपलब्ध

पटाखा कारोबारियों के अनुसार, बाजार में अब ग्रीन पटाखे ही बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। पुराने तरीके से पटाखे बनाने वाली कई फैक्ट्रियां बंद हो चुकी हैं। नए डिजाइन और तकनीक के साथ उत्पादों का स्वरूप बदला है। कारोबारियों का दावा है कि पहले की तुलना में प्रदूषण कम हुआ है, हालांकि इसकी वास्तविक पुष्टि आधिकारिक आंकड़ों से ही हो सकती है।

लाइसेंस में देरी से व्यापारी परेशान

जयपुर में करीब 150 से 200 स्थायी पटाखा लाइसेंस बताए जा रहे हैं। इस बार लगभग 2,500 लोगों ने अस्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन किया, लेकिन मंगलवार तक करीब 1,200 से 1,300 लोगों को ही लाइसेंस मिल पाए थे। कारोबारियों का कहना है कि समय पर लाइसेंस नहीं मिलने से बिक्री की तैयारियां प्रभावित होती हैं। उनकी मांग है कि दीपावली से करीब एक महीने पहले लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए।

किशनगढ़ प्रमुख निर्माण केंद्र

राजस्थान में किशनगढ़ पटाखा निर्माण का प्रमुख केंद्र है। जयपुर में पांच स्थानीय फैक्ट्रियां बताई जा रही हैं, जबकि प्रदेश में छोटी-बड़ी मिलाकर लगभग 35 फैक्ट्रियां संचालित हो हो रही हैं। देश में तमिलनाडु का शिवकाशी पटाखा उत्पादन और आपूर्ति का प्रमुख केंद्र है।

  Share on

Related News

Connect With Us

visit e-papers
Epaper

आज का राशिफल

image

मेष

रुके काम बनेंगे, नौकरीपेशा और व्यापारियों के लिए शुभ।

image

वृष

आर्थिक स्थितियां बेहतर होने के साथ धनलाभ होगा।

image

मिथुन

गुरु शुभ फल देंगे, शत्रु पराजित होंगे

image

कर्क

मिलाजुला असर रहेगा, अतिरिक्त परिश्रम के साथ नौकरी पेशा को दिक्कतें आ सकती है।

image

सिंह

कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान के साथ मकान,वाहन सुख मिलेगा।

image

कन्या

कामकाज के अवसरों में वृद्धि, भाग्य का साथ मिलेगा।

image

तुला

धन की रुकावटें दूर होंगी, लाभ के अवसर बढ़ेंगे, धर्म में रुचि बढ़ेगी।

image

वृश्चिक

आर्थिक स्थिति सुधरेगी, व्यापार में निवेश संबंधी फैसले की आजादी मिलेगी।

image

धनु

लाभ में वृद्धि होगी, कोई बड़ी डील हाथ लग सकती है।

image

मकर

सुखद पलों की प्राप्ति होगी। फिजूल के खर्चे बढ़ेंगे, सुख सुविधाओं में इजाफा होगा।

image

कुंभ

धनलाभ के अवसरों में वृद्धि के साथ अपनी योजनाओं पर काम करते रहे।

image

मीन

संभलकर रहे, जल्दबाजी नहीं दिखाए। कानूनी वाद-विवादों से बचे।

Gallery