Friday, June, 19,2026

'राष्ट्र प्रथम' के जीवंत प्रतीक थे महाराणा प्रतापः बागडे

जयपुर: वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर प्रदेशभर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में उनके शौर्य, स्वाभिमान, राष्ट्र भक्ति और त्याग को नमन करते हुए उनके आदशों पर चलने का आह्वान किया गया। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. वासुदेव देवनानी, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, डॉ. प्रेमचंद बैरवा सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया।

भारतीय क्षेत्रिय महासंघ की ओर से जयपुर में आयोजित सम्मान स्समारोह में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि महाराणा प्रताप देश के प्रथम स्वाधीनता सेनानियों में थे, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने हल्दीघाटी और दिवेर युद्धों का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रताप ने मुगल सेना के मनोबल को तोड़ा। उनहोंने कहा कि मेवाड़ बप्पा रावल, महाराणा सांगा और पत्रा धाय जैसे महान वीरों की भूमि रही है। राज्यपाल ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन स्त्री सम्मान, सामाजिक एकता और राष्ट्र निष्ठा का उदाहरण है। उनकी सेना में भील, जाट और अन्य समाजों के योद्धा शामिल थे। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप जयंती अन्याय और अनैतिकता के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा देती है। इस अवसर पर राज्यपाल ने समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया।

रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा

जयपुरिया अस्पताल में प्रताप जयंती पर आयोजित रक्तदान शिविर में राज्यपाल ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने रक्तदान को मानवत्ता की सबसे बड़ी सेवा बताते हुए कहा कि यह जीवन रक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने चिकित्सकों, तकनीकी कर्मियों और स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए नियमित रक्तदान की अपील की। एक अन्य कार्यक्रम में राज्यपाल ने महाराणा प्रताप के उत्तराधिकार प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि उदय सिंह के निधन के बाद जगमाल सिंह सत्ता छोड़ने को तैयार नहीं थे, लेकिन मेवाड़ के सरदारों ने उन्हें हटाकर महाराणा प्रताप को सिंहासन पर बैठाया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने सत्ता को अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का माध्यम माना। उन्होंने सत्ता मोह की प्रवृत्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों में जनहित सर्वोपरि होना चाहिए।

महाराणा प्रताप स्वाभिमान और राष्ट्र गौरव के प्रतीकः शेखावत

बिड़ला ऑडिटोरियम में महाराणा प्रताप फाउंडेशन की ओर से 450 वां हल्दीघाटी विजयोत्सव एवं महाराणा प्रताप जयंती समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम संयोजक प्रेम सिंह बनवासा ने बताया कि कार्यक्रम में वीर रस से ओतप्रोत कवियों ने प्रस्तुतियों से माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। कवियों ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, त्याग, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति उनकी अटूट निष्ठा का भावपूर्ण चित्रण किया। शेखावत ने कहा कि प्रताप इतिहास के ऐसे महानायक है, जिन्होंने विषम परिस्थितियों में भी स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। हल्दीघाटी का युद्ध केवल एक सैन्य संघर्ष नहीं, बल्कि राष्ट्र के स्वाभिमान की रक्षा का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे महाराणा प्रताप के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र हित, कर्तव्यनिष्ठता और आत्म सम्मान के मार्ग पर आगे बढ़े। कार्यक्रम के अंत में महाराणा प्रताप के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर पूर्व सांसद रामचरण बोहरा, विधायक बालमुकुंदाचार्य, महावीर सिंह सरवड़ी, दिनेश सिंह चक्रपाणी, अनेक जनप्रतिनिधि, भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी समेत गणमान्य लोग उपस्थित थे।

यहां भी हुए कार्यक्रम

घुमंतू जाति उत्थान न्यास एवं हिन्दू शरणार्थी सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में सांगानेर स्थित महाराणा प्रताप सर्किल पर प्रताप जयंती मनाई। मुख्य अतिथि कर्नल देव आनंद लोहागरोड़ रहे तथा अध्यक्षता डॉ. अजय सिंह ने की। बाल संस्कार केंद्र के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किया। अखिल भारतीय गोशाला सहयोग परिषद एवं प्राकृतिक कृषि आदान परिषद के संयुक्त तत्वावधान में टोक रोड, सांगानेर स्थित वैदिक मादम औषधि केन्द्र में महाराणा प्रताप की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। भारतीय सेना, वायु सेना एवं विभिन्न सेवाओं से जुड़े प्रशिक्षणार्थियों ने महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग और राष्ट्र भक्ति को नमन किया।

विधानसभा अध्यक्ष देवनानी व डिप्टी सीएम ने दी श्रद्धांजलि

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. वासुदेव देवनानी ने प्रताप गौरव केंद्र उदयपुर में आयोजित दुग्धाभिषेक समारोह में कहा कि महाराणा प्रताप राष्ट्र प्रथम के संकल्प के प्रतीक है। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि प्रताप ने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और - अदम्य साहस का परिचय दिया। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने सिटी पैलेस में महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। उन्होंने कहा कि उनका जीवन राष्ट्र भक्ति, स्वाभिमान और त्याग का अनुपम उदाहरण है, जो युवाओं को प्रेरित करता है। महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के महानायक हैं, जिनका जीवन संघर्ष, त्याग और राष्ट्र भक्ति का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उनके आदर्श युवाओं को राष्ट्र हित, सत्य, सम्मान और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।

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