Wednesday, February, 04,2026

साध्वी की संदिग्ध परिस्थिति में मौत के बाद गांव में दी समाधि

बाड़मेर: कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा का शुक्रवार को उनके पैतृक गांव परेऊ में धार्मिक विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जोधपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद उनकी पार्थिव देह को उनके द्वारा ही स्थापित 'शिव शक्ति धाम' आश्रम में समाधि दी गई। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु व साधु-संत मौजूद रहे। अंतिम विदाई में शामिल होने के लिए विभिन्न अखाड़ों और मठों से बड़े धर्मगुरु पहुंचे। मेवाड़ महामंडलेश्वर ईश्वरीय नंदगिरी ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि प्रेम बाईसा केवल एक पिता की संतान नहीं, बल्कि पूरे सनातन धर्म की बेटी थीं।

उन्होंने बचपन से ही धर्म के वस्त्र धारण कर सनातन का प्रचार किया। समाधि के दौरान जसनाथी संप्रदाय मठाधीश महंत मोटनाथ महाराज, चेतनगिरी मोकलसर, कथाव्यास कौशिक महाराज जोधपुर, संत रामप्रकाश महाराज, संत प्रेमहरि महाराज, नागेंद्र भारती महाराज, भारती महाराज पाटोदी, संत अक्रिया महाराज जोधपुर, कथावाचक बलदेव शास्त्री, तगभारती महाराज कुड़ी मठ, जेठनाथ महाराज कोलू व जोगभारती महाराज दूधवा सहित सैकड़ों भक्त मौजूद रहे।

मौत पर उठे सवाल, जांच की मांग

साध्वी की मौत को लेकर साधु-संतों और परिजनों ने गहरा संदेह जताया है। ईश्वरीय नंद गिरी जी ने 'इंजेक्शन' से हुई मौत के जिक्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि मेडिकल विभाग को इसकी बारीकी से जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बाईसा हमेशा खुशमिजाज रहती थी, ऐसे में उनकी अचानक मौत समझ से परे है। साध्वी के पिता विरमनाथ ने भी अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो भी इस घटना के लिए दोषी है, उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए। साध्वी के पिता ने भावुक होकर मीडिया के सामने गलत इंजेक्शन लगाने से मौत होने को बात कही। पिता ने कहा कि हर तरह की मेडिकल जांच करवाने के लिए तैयार हूं। गलत इंजेक्शन के बाद ही तबियत खराब हुई और मौत हो गई। हॉस्पिटल में मौत के बाद उनका एक कथित सुसाइड नोट सामने आया था।

रात भर होता रहा भजन-कीर्तन

बाईसा को बुधवार को जोधपुर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था। कुछ मिनटों बाद ही उन्होंने दम तोड दिया था। पोस्टमार्टम के बाद शव गुरुवार देर रात परेऊ लाया गया। जैसे ही एंबुलेंस आश्रम पहुंची, पिता विरमनाथ बेटी के पार्थिव शरीर को देख बिलख पड़े। पूरी रात आश्रम में भजनों का दौर चलता रहा और सुबह समाधि की रस्म पूरी की गई।

2 वर्ष की आयु में उठ गया था मां का साया

साध्वी प्रेम बाईसा का जीवन संघर्ष और भक्ति से भरा रहा। प्रेम बाईसा ने मात्र 2 वर्ष की आयु में अपनी मां को खो दिवा था। पिता विरमनाथ उन्हें जोधपुर के गुरुकृपा आश्रम ले गए, जहां संत राजाराम महाराज और संत कृपाराम महाराज के सानिध्य मैं उन्होंने शिक्षा ली। अपने मधुर भजनों और भागवत कथा के कारण वे कम समय में ही लोकप्रिय हो गईं।

  Share on

Related News

visit e-papers
Epaper

आज का राशिफल

image

मेष

रुके काम बनेंगे, नौकरीपेशा और व्यापारियों के लिए शुभ।

image

वृष

आर्थिक स्थितियां बेहतर होने के साथ धनलाभ होगा।

image

मिथुन

गुरु शुभ फल देंगे, शत्रु पराजित होंगे

image

कर्क

मिलाजुला असर रहेगा, अतिरिक्त परिश्रम के साथ नौकरी पेशा को दिक्कतें आ सकती है।

image

सिंह

कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान के साथ मकान,वाहन सुख मिलेगा।

image

कन्या

कामकाज के अवसरों में वृद्धि, भाग्य का साथ मिलेगा।

image

तुला

धन की रुकावटें दूर होंगी, लाभ के अवसर बढ़ेंगे, धर्म में रुचि बढ़ेगी।

image

वृश्चिक

आर्थिक स्थिति सुधरेगी, व्यापार में निवेश संबंधी फैसले की आजादी मिलेगी।

image

धनु

लाभ में वृद्धि होगी, कोई बड़ी डील हाथ लग सकती है।

image

मकर

सुखद पलों की प्राप्ति होगी। फिजूल के खर्चे बढ़ेंगे, सुख सुविधाओं में इजाफा होगा।

image

कुंभ

धनलाभ के अवसरों में वृद्धि के साथ अपनी योजनाओं पर काम करते रहे।

image

मीन

संभलकर रहे, जल्दबाजी नहीं दिखाए। कानूनी वाद-विवादों से बचे।

Gallery