Tuesday, February, 10,2026

37 हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे उधार के भवनों में

जयपुर: प्रदेश में बच्चों और मातु स्वास्थ्य की रीढ़ मानी जाने वाली आंगनबाड़ी व्यवस्था गंभीर बुनियादी संकट से जूझ रही है। विधानसभा में पेश सरकारी आंकड़ों ने आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाल स्थिति को उजागर कर दिया है। राजस्थान में संचालित कुल 63 हजार 148 आंगनबाड़ी केंद्रों में से केवल 26 हजार 131 केंद्र ही अपने स्वयं के विभागीय भवनों में संचालित हो रहे हैं। यानी प्रदेश के आधे से भी कम आंगनबाड़ी केंद्रों के पास पक्का भवन उपलब्ध है। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि शेष 37 हजार 17 आंगनबाड़ी केंद्र आज भी स्थायी भवन से वंचित हैं। इनमें से बड़ी संख्या में केंद्र स्कूल परिसरों, अन्य सरकारी भवनों अथवा किराए और निजी निशुल्क भवनों में संचालित किए जा रहे हैं।

स्कूलों और किराए के भवनों में चल रही आंगनबाड़ियां

सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 18 हजार 649 आंगनबाड़ी केंद्र राजकीय विद्यालय परिसरों में संचालित हो रहे हैं, जिससे कई जगह स्कूल समय और आंगनबाड़ी गतिविधियों के बीच समन्वय की समस्या सामने आ रही है। वहीं, 4 हजार 840 केंद्र अन्य सरकारी भवनों में चल रहे हैं। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब करीब 10 हजार 394 आंगनबाड़ी केंद्र किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं, जहां न तो पर्याप्त स्थान है और ना ही बच्चों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण। इसके अलावा 3 हजार 134 केंद्र निजी निशुल्क भवनों में चल रहे हैं, जिनकी सुविधाएं पूरी तरह भवन स्वामी पर निर्भर हैं।

भवन निर्माण की रफ्तार सुस्त

प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025 में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 135 नए आंगनबाड़ी केंद्र खोले हैं, लेकिन इसके मुकाबले भवन निर्माण की गति बेहद धीमी है। पूरे प्रदेश में फिलहाल केवल 267 आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कार्य ही प्रगति पर है, जो जरूरत के अनुपात में न के बराबर हैं। सरकारी जवाब के मुताबिक स्वयं के भवनों में संचालित केंद्रों को छोड़कर प्रदेश के 37 हजार 17 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए अभी भी विभागीय भवनों का निर्माण किया जाना बाकी है। जिला स्तर पर भी आंगनबाड़ी केंद्रों का बुनियादी ढांचा गंभीर संकट से गुजर रहा है। अधिकांश जिलों में आधे से अधिक केंद्र अब भी स्थायी भवन से वंचित हैं, जिससे बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और टीकाकरण सेवाओं पर सीधा असर पड़ रहा है।

मरम्मत कार्य जारी, स्थायी समाधान का इंतजार

सरकार ने स्वीकार किया है कि जर्जर भवनों की मरम्मत और नए भवनों का निर्माण वित्तीय संसाधनों और प्राथमिकताओं पर निर्भर है। वर्तमान में 3 हजार 33 आंगनबाड़ी भवनों की मरम्मत कराई जा रही है, जबकि 8 हजार 216 भवनों की मरम्मत के लिए एसडीआरएफ के तहत स्वीकृति दी गई है। बावजूद इसके बड़ी संख्या में केंद्र अब भी स्थायी भवन की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

बच्चों और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के पास स्वयं का सुरक्षित भवन नहीं होने से बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, पोषण वितरण और टीकाकरण सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित होती है। कई जगह बच्चों को अस्थायी या जर्जर भवनों में बैठाना पड़ रहा है, जिससे सुरक्षा संबंधी खतरे भी बने रहते हैं।

  Share on

Related News

Connect With Us

visit e-papers
Epaper

आज का राशिफल

image

मेष

रुके काम बनेंगे, नौकरीपेशा और व्यापारियों के लिए शुभ।

image

वृष

आर्थिक स्थितियां बेहतर होने के साथ धनलाभ होगा।

image

मिथुन

गुरु शुभ फल देंगे, शत्रु पराजित होंगे

image

कर्क

मिलाजुला असर रहेगा, अतिरिक्त परिश्रम के साथ नौकरी पेशा को दिक्कतें आ सकती है।

image

सिंह

कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान के साथ मकान,वाहन सुख मिलेगा।

image

कन्या

कामकाज के अवसरों में वृद्धि, भाग्य का साथ मिलेगा।

image

तुला

धन की रुकावटें दूर होंगी, लाभ के अवसर बढ़ेंगे, धर्म में रुचि बढ़ेगी।

image

वृश्चिक

आर्थिक स्थिति सुधरेगी, व्यापार में निवेश संबंधी फैसले की आजादी मिलेगी।

image

धनु

लाभ में वृद्धि होगी, कोई बड़ी डील हाथ लग सकती है।

image

मकर

सुखद पलों की प्राप्ति होगी। फिजूल के खर्चे बढ़ेंगे, सुख सुविधाओं में इजाफा होगा।

image

कुंभ

धनलाभ के अवसरों में वृद्धि के साथ अपनी योजनाओं पर काम करते रहे।

image

मीन

संभलकर रहे, जल्दबाजी नहीं दिखाए। कानूनी वाद-विवादों से बचे।

Gallery