Wednesday, March, 18,2026

भारत को आत्मनिर्भर बनाने में विश्वविद्यालयों की अहम भूमिका

उदयपुर: राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इस दौर में भारत को आत्मनिर्भर बनाने में विश्वविद्यालयों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार है। यदि विश्वविद्यालय स्वदेशी सोच, नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा दें, तो भारत वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर सकता है। वे मंगलवार को उदयपुर स्थित जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ के डबोक परिसर में आयोजित एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (एआईयू) वेस्ट जोन वाइस चांसलर्स मीट 2025-26 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। दो दिवसीय इस सम्मेलन में राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों के विश्वविद्यालयों के कुलगुरु भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री मंजू बाघमार तथा प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार गौरव वल्लभ सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सम्मेलन में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार और राष्ट्रीय विकास में विश्वविद्यालयों की भूमिका पर व्यापक चर्चा की जाएगी।

युवाओं को रोजगार सृजन के लिए सक्षम बनाएं

राज्यपाल ने 'तकनीकी राष्ट्रवाद' और 'आर्थिक देशभक्ति' को व्यवहार में उतारने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विश्वविद्यालयों से आह्वान किया कि वे शोध, नवाचार और कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को रोजगार सृजन के लिए सक्षम बनाएं। नई शिक्षा नीति के अनुरूप आधुनिक तकनीक का समन्वय ही आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार कर सकता है।

शिक्षकों की भूमिका प्रेरक की

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे जामवंत ने हनुमान जी को उनकी शक्तियों का बोध कराया था, वैसे ही आज शिक्षा जगत के प्रबुद्धजनों के बीच उनकी भूमिका प्रेरक की है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों का केंद्र बिंदु केवल विद्यार्थी होना चाहिए और सभी योजनाएं विद्यार्थियों के समग्र विकास को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए।

नई शिक्षा नीति करेगी विद्यार्थियों का विकास

राज्यपाल ने सुझाव दिया कि प्रत्येक विश्वविद्यालय में यह भावना अंकित होनी चाहिए कि भारत का सर्वांगीण गौरव विश्वविद्यालयों के माध्यम से ही पुनर्स्थापित होगा और तक्षशिला-नालंदा जैसी समृद्ध ज्ञान परंपरा फिर लौटेगी। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा अत्यंत गौरवशाली रही है, लेकिन औपनिवेशिक काल में मैकाले शिक्षा पद्धति के माध्यम से इसे सीमित करने का प्रयास किया गया। नई शिक्षा नीति इस विरासत को पुनर्जीवित करने का प्रयास है, जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर बल देती है।

  Share on

Related News

Connect With Us

visit e-papers
Epaper

आज का राशिफल

image

मेष

रुके काम बनेंगे, नौकरीपेशा और व्यापारियों के लिए शुभ।

image

वृष

आर्थिक स्थितियां बेहतर होने के साथ धनलाभ होगा।

image

मिथुन

गुरु शुभ फल देंगे, शत्रु पराजित होंगे

image

कर्क

मिलाजुला असर रहेगा, अतिरिक्त परिश्रम के साथ नौकरी पेशा को दिक्कतें आ सकती है।

image

सिंह

कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान के साथ मकान,वाहन सुख मिलेगा।

image

कन्या

कामकाज के अवसरों में वृद्धि, भाग्य का साथ मिलेगा।

image

तुला

धन की रुकावटें दूर होंगी, लाभ के अवसर बढ़ेंगे, धर्म में रुचि बढ़ेगी।

image

वृश्चिक

आर्थिक स्थिति सुधरेगी, व्यापार में निवेश संबंधी फैसले की आजादी मिलेगी।

image

धनु

लाभ में वृद्धि होगी, कोई बड़ी डील हाथ लग सकती है।

image

मकर

सुखद पलों की प्राप्ति होगी। फिजूल के खर्चे बढ़ेंगे, सुख सुविधाओं में इजाफा होगा।

image

कुंभ

धनलाभ के अवसरों में वृद्धि के साथ अपनी योजनाओं पर काम करते रहे।

image

मीन

संभलकर रहे, जल्दबाजी नहीं दिखाए। कानूनी वाद-विवादों से बचे।

Gallery