Tuesday, May, 05,2026

मोदी हैं तो मुमकिन है... बंगाल में केसरिया

2026 के विधानसभा चुनावों के नतीजों ने एक निर्णायक राजनीतिक बदलाव का संकेत दिया है। इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पश्चिम बंगाल और असम, दोनों ही राज्यों में एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरी है। बंगाल में पहली बार केसरिया पार्टी ने सरकार बनाई, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रीय राजनीतिक साख और पार्टी की संगठनात्मक गहराई और मजबूत हुई है।

पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रदर्शन ने एक ऐसे राज्य में ऐतिहासिक सफलता का संकेत दिया, जिसे लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का गढ़ माना जाता रहा है। 294 सदस्यों वाली विधानसभा के चुनावों में 92% से अधिक का अभूतपूर्व मतदान दर्ज किया गया, जो कि भाजपा की राजनीतिक सक्रियता को दर्शाता है। सुबह से आने शुरू हुए चुनाव परिणामों के शुरुआती रुझानों में ही भाजपा ने प्रभावशाली बढ़त बनाते हुए राज्य में पहली बार सरकार बनाने की दिशा में अपना स्थान सुनिश्चित कर लिया। शाम तक यह परिणाम केवल एक चुनावी जीत ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लंबे समय से चले आ रहे वर्चस्व को तोड़ने के उद्देश्य से बनाई गई एक सतत राजनीतिक रणनीति की परिणति थे।

पश्चिम बंगाल में भाजपा की अभूतपूर्व चुनावी सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीतिक सूझबूझ और बांड अपील को जाता है। उनके चुनावी संदेशों को विकास के वादों के साथ-साथ सांस्कृतिक और पहचान आधारित नैरेटिव्स के साथ जोड़ा गया था, जो विभिन्न मतदाता वगों से जुड़ पाने में सफल रहे। मोदी के व्यक्तिगत संपर्क और हाई वोल्टेज रैलियों ने चुनाव को प्रत्यक्ष नेतृत्व की लड़ाई में बदल दिया, जिससे यह मुकाबला राष्ट्रपति शैली जैसा दिखाई देने लगा। साथ ही, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सूक्ष्म और रणनीतिक संगठनात्मक योजना ने इस सफलता को और मजबूत बनाया। इसमें बूथ स्तर पर प्रबंधन, कार्यकर्ताओं का विस्तार और 'पन्ना प्रमुख' जैसे मॉडल के माध्यम से सुक्ष्म स्तर पर मतदाताओं तक पहुंच बनाने पर विशेष जोर दिया गया। नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और शाह की बारीक रणनीतिक क्रियान्वयन क्षमता ने प्रभावशाली चुनावी मशीनरी बनाई, जो मतदाताओं की भावनाओं को जमीन पर वोटों में बदलने में सक्षम थी।

इस चुनावी अभियान ने कथित तौर पर प्रशासनिक कमजोरियों, आर्थिक चिंताओं और अवैध घुसपैठ जैसे मुद्दों को भी प्रभावी ढंग से उठाया और साथ ही एक ऐसे 'आकांक्षी बंगाल' (Aspirational Bengal) की परिकल्पना पेश की गई, जिसमें ढांचागत बदलावों का वादा किया गया था। विपक्ष का बिखराव बीजेपी के फायदे को और बढ़ा गया, जिससे वह सत्ता विरोधी लहर (एंटी-इन्कंबेंसी) को अपने पक्ष में भुनाने में सफल रही।

भाजपा की इस ऐतिहासिक जीत में राजस्थान ने भी भगवा पार्टी को सत्ता में लाने में प्रभावी भूमिका निभाई है। 'लकी' कहे जाने वाले बंगाल चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव (केंद्रीय मंत्री और अलवर से सांसद) और वरिष्ठ भाजपा नेता सुनील बंसल (कोटपूतली) ने जमीनी स्तर पर अहम भूमिका निभाई, जिससे ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को सत्ता से बाहर करने और बंगाल में केसरिया लहर लाने में मदद मिली। इसके अलावा, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़, गजेंद्र शेखावत, अर्जुनराम मेघवाल जैसे नेताओं ने भी मारवाड़ी वोटरों को भाजपा की ओर आकर्षित करने के लिए दिन-रात एक कर दिया।

असम में, भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार अपनी पकड़ को मजबूत बनाने में सफलता हासिल की। राज्य में यह जीत इसलिए भी उल्लेखनीय मानी जा रही है क्योंकि भाजपा ने सत्ता विरोधी लहर (एंटी-इन्कंबेंसी) जैसी चुनौती को मात दी, जिसने देश के कई दूसरे हिस्सों में सरकारों को सत्ता से बेदखल कर दिया है। असम में चुनावी अभियान का फोकस सुशासन, इन्फ्रास्ट्रक्वर के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और स्थानीय पहचान की सुरक्षा पर रहा, जिसने मतदाताओं का भरोसा कायम रखा।

कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल और असम के चुनावी नतीजे भाजपा के बढ़ते चुनावी प्रभाव को दशति हैं। साथ ही, ये नतीजे आधुनिक भारतीय राजनीति को दिशा देने में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और अमित शाह की सटीक चुनावी रणनीतियों के मिले-जुले असर को भी उजागर करते हैं।

 

  Share on

Related News

Connect With Us

visit e-papers
Epaper

आज का राशिफल

image

मेष

रुके काम बनेंगे, नौकरीपेशा और व्यापारियों के लिए शुभ।

image

वृष

आर्थिक स्थितियां बेहतर होने के साथ धनलाभ होगा।

image

मिथुन

गुरु शुभ फल देंगे, शत्रु पराजित होंगे

image

कर्क

मिलाजुला असर रहेगा, अतिरिक्त परिश्रम के साथ नौकरी पेशा को दिक्कतें आ सकती है।

image

सिंह

कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान के साथ मकान,वाहन सुख मिलेगा।

image

कन्या

कामकाज के अवसरों में वृद्धि, भाग्य का साथ मिलेगा।

image

तुला

धन की रुकावटें दूर होंगी, लाभ के अवसर बढ़ेंगे, धर्म में रुचि बढ़ेगी।

image

वृश्चिक

आर्थिक स्थिति सुधरेगी, व्यापार में निवेश संबंधी फैसले की आजादी मिलेगी।

image

धनु

लाभ में वृद्धि होगी, कोई बड़ी डील हाथ लग सकती है।

image

मकर

सुखद पलों की प्राप्ति होगी। फिजूल के खर्चे बढ़ेंगे, सुख सुविधाओं में इजाफा होगा।

image

कुंभ

धनलाभ के अवसरों में वृद्धि के साथ अपनी योजनाओं पर काम करते रहे।

image

मीन

संभलकर रहे, जल्दबाजी नहीं दिखाए। कानूनी वाद-विवादों से बचे।

Gallery