Saturday, April, 18,2026

विपक्ष बना बाधा, 54 वोट से गिरा बिल

नई दिल्ली: महिलाओं को विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने और संसद की सीटें बढ़ाने संबंधी 131ई संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को लेोकसभा में 54 बेट की कमी से खारिज हो गया। संसद में चली दो दिन की लंबी बहर के बाद शुक्रवार शाम इस पर वोटिंग की गई। बिल के पक्ष में 298 सदस्यों ने वोट किया, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। कुल 528 सदस्यों ने वोटिंग में हिस्सा लिया। संविधान संशोधन के लिए आवश्यक दे-तिहाई बहुमत यानी 352 वोट नहीं मिल सके, जिसके कारण किल गिर गया। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने काय, 'संविधान संशोधन 131 संरोधन) बिल पास नहीं हुआ, सदन में वोटिंग के दौरान इसे 2/3 बहुमत नहीं मिला। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिलिनु ने अन्य दो बिल आगे नहीं बढ़ाने का ऐलान किया। प्रस्तावित संशोधन के कहत 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद लोकसभा की सीटों को मौजूदा 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 करने का प्रावधान था। इसी तरह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विधानसभाओं में भी सीटें बढ़ाई जानी थीं, ताकि 2029 के पुनवों से पहले महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेा विपक्षी दलों के खे विरोध के बीच सरकर बिल को फस कराने में नाकाम रही।

विपक्ष के विरुद्ध प्रचार अभियान छेड़ेगा एनडीए, कैबिनेट की बैठक आज

महिला आरक्षण वियेयक विफल होने के बाद अब राजग, विपक्ष के विरुद्ध प्रचार अभियान छेड़ेगा। शनिवार को कैबिनेट की बैठक भी बुलाई गई है। इसका एजेंडा स्पष्ट नहीं है, लेकिन इस बात पर सबकी नजर है कि सरकार इन विद्येयकों से जुड़ा कोई फैसला लेती है या नहीं। लोकसभा में विपक्ष का सह‌योग नहीं मिलने के तत्काल बाद भाजपा के पूर्व अध्धाका जेपी नका के घर राजग नेताओं की बैठक हुई, जिसमें आगे की रागनीति बनाई गई।

आधी आबादी को उसके अधिकार अवश्य मिलें

महिला आरक्षण विधेयक के विरोध में वोटिंग कर विपक्ष ने पीएम नरेंद्र मोदी की उस अपील को भी अनदेखा कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि लोकसभा के सभी सदस्य महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में मतदान करें और ऐसा कुछ भी नहीं करने की अपील की जिससे देश की 'नारी शक्ति' की भावनाएं आहत हो। विधेयक पर मतदान से कुछ रागग पहले गोदी ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण के इस विषय पर देश में चार दशक तक बहुत राजनीति कर ली गई है और अब सगय है कि देश की आधी आबादी को उसके अधिकार अवश्य मिले।

विपक्ष का उत्सव मनाना... सचमुच निंदनीय और कल्पना से परेः शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक के गिरने के बाद सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में कहा 'आज लोकसभा में बहुत अजीब दृश्य दिखा। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल को कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी ने पारित नहीं होने दिया। महिलाओं को 33% आरक्षण देने के बिल को गिरा देना, उसका उत्साह मनाना और जयनाद करना सचमुच निंदनीय और कल्पना से परे है।' शाह ने कहा, 'मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि नारी शक्ति के अपमान की यह बात यहां नहीं रुकेगी, दूर तक जाएगी। विपक्ष को महिलाओं का आक्रोश न सिर्फ 2029 लोकसभा चुनाव में, बल्कि हर स्तर, हर चुनाव और हर स्थान पर झेलना पड़ेगा।'

संविधान पर आक्रमण था विधेयकः राहुल

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा से महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं होने के बाद शुक्रवार को कहा कि यह संविधान पर आक्रमण था, जिसे विपक्ष ने नाकाम कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिला आरक्षण लागू करना चाहते हैं तो 2023 में पारित कानून को लागू करें, जिसमें विपक्ष पूरा सहयोग देगा। यह महिला आरक्षण विधेयक नहीं था, ये हिंदुस्तान के राजनीतिक और चुनावी ढांचे को बदलने की कोशिश थी, संविधान पर आक्रमण था।

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