Friday, August, 21,2026

जंतर-मंतर पर किसकी गलती ? सुप्रीम जांच में खुलेगा सच

नई दिल्ली: नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर अब सुप्रीम कोर्ट की सीधी नजर रहेगी। प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने, महिलाओं के साथ कथित बदसलूकी और जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग के आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पांच सदस्यीय हाई पावर कमेटी गठित कर दी है। खास बात यह है कि अदालत ने जांच का दायरा एकतरफा नहीं रखा है। पुलिस और सुरक्षाकर्मियों पर लगे आरोपों के साथ प्रदर्शनकारियों की ओर से हुई कथित हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की भी जांच होगी। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायाधीश जॉयमाल्या बागची और वी. मोहना की पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आर. सुभाष रेड्डी को समिति का अध्यक्ष बनाया है। समिति में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रवि शंकर झा, दिल्ली हाई कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश शालिंदर कौर, CBI के पूर्व निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के पूर्व DGP एल.आर. बिश्नोई शामिल हैं।

महिलाओं से कथित बदसलूकी की होगी प्राथमिक जांच

सुप्रीम कोर्ट ने समिति को अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों की गहराई से जांच करने को कहा है। इसमें पैलेट गन के इस्तेमाल के साथ महिला प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित हिंसा, उत्पीड़न और छेड़छाड़ के आरोपों को प्राथमिकता दी गई है। अदालत ने घायल प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों को अंतरिम मुआवजा देने की संभावना पर भी समिति को विचार करने की छूट दी है। साथ ही प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों और अन्य सुरक्षाकर्मियों पर प्रदर्शनकारियों की कथित हिंसा तथा सरकारी और निजी संपत्ति को हुए नुकसान का भी आकलन किया जाएगा। यानी जांच का फोकस सिर्फ पुलिस की कार्रवाई पर नहीं, बल्कि पूरे घटनाक्रम के हर पहलू पर रहेगा।

CCTV से ड्रोन फुटेज तक... हर सबूत खंगाला जाएगा

अदालत ने पुलिस, अर्धसैनिक बलों और जांच एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि प्रदर्शन से जुड़ा कोई भी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड नष्ट या गायब न हो। CCTV फुटेज, ड्रोन फुटेज, बॉडी-वॉर्न कैमरा रिकॉर्डिंग, वीडियोग्राफी, वायरलेस संचार रिकॉर्ड और PCR कॉल लॉग सुरक्षित रखने होंगे और समिति को उपलब्ध कराने होंगे। शिकायतकर्ताओं और गवाहों की पहचान सुरक्षित रखने के लिए उन्हें अपनी शिकायतें और दस्तावेजी साक्ष्य गोपनीय तरीके से समिति के सामने रखने की अनुमति भी दी गई है। अदालत ने पक्षकारों के बीच संवाद बेहतर बनाने के लिए अधिवक्ता आशिमा मंडला, दक्ष कादियान और आस्था सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।

जांच लगातार चलेगी: सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि यह जांच महज एक औपचारिक कवायद नहीं होगी। समिति मामले से जुड़े पहलुओं का लगातार और समय-समय पर आकलन करेगी तथा अंतरिम रिपोर्ट भी अदालत को सौंपेगी। समिति की सिफारिशें आगे की न्यायिक कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण आधार बन सकती हैं।

20 जुलाई को संसद मार्च में भिड़े थे प्रदर्शनकारी और सुरक्षाकर्मी

नीट प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों ने 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प हुई थी। संसद की ओर बढ़ रही भीड़ को रोकने के लिए लाठियां और आंसू गैस के गोले इस्तेमाल किए गए थे। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पैलेट गन के इस्तेमाल और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाए।

  Share on

Related News

Connect With Us

visit e-papers
Epaper

आज का राशिफल

image

मेष

रुके काम बनेंगे, नौकरीपेशा और व्यापारियों के लिए शुभ।

image

वृष

आर्थिक स्थितियां बेहतर होने के साथ धनलाभ होगा।

image

मिथुन

गुरु शुभ फल देंगे, शत्रु पराजित होंगे

image

कर्क

मिलाजुला असर रहेगा, अतिरिक्त परिश्रम के साथ नौकरी पेशा को दिक्कतें आ सकती है।

image

सिंह

कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान के साथ मकान,वाहन सुख मिलेगा।

image

कन्या

कामकाज के अवसरों में वृद्धि, भाग्य का साथ मिलेगा।

image

तुला

धन की रुकावटें दूर होंगी, लाभ के अवसर बढ़ेंगे, धर्म में रुचि बढ़ेगी।

image

वृश्चिक

आर्थिक स्थिति सुधरेगी, व्यापार में निवेश संबंधी फैसले की आजादी मिलेगी।

image

धनु

लाभ में वृद्धि होगी, कोई बड़ी डील हाथ लग सकती है।

image

मकर

सुखद पलों की प्राप्ति होगी। फिजूल के खर्चे बढ़ेंगे, सुख सुविधाओं में इजाफा होगा।

image

कुंभ

धनलाभ के अवसरों में वृद्धि के साथ अपनी योजनाओं पर काम करते रहे।

image

मीन

संभलकर रहे, जल्दबाजी नहीं दिखाए। कानूनी वाद-विवादों से बचे।

Gallery