Tuesday, July, 14,2026

अरावली की 'परिभाषा' पर अपने ही फैसले पर सुप्रीम कोर्ट का स्टे

नई दिल्ली: अरावली पर्वतमाला की परिभाषा को लेकर उठे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने अपने ही 20 नवंबर के आदेश पर सोमवार को रोक लगा दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि विशेषज्ञ समिति की सिफारिशें और उन पर आधारित न्यायालय की टिप्पणियां अगली सुनवाई तक स्थगन में रहेंगी। इस मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी 2026 को होगी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायाधीश जे.के. माहेश्वरी और न्यायाधीश ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि अरावली पहाड़ियों और पर्वतमाला की नई परिभाषा को लेकर कई 'महत्वपूर्ण अस्पष्टताएं सामने आई हैं, जिन पर गहन और निष्पक्ष समीक्षा आवश्यक है। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि इस मामले में न्यायालय के आदेशों, सरकार की भूमिका और पूरी प्रक्रिया को लेकर गलतफहमियां फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन्हीं भ्रमों को दूर करने के उद्देश्य से विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया था और उसकी रिपोर्ट अदालत ने पहले स्वीकार की थी।

राज्यों को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार के साथ-साथ राजस्थान, और दिल्ली को हरियाणा, गुजरात नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने कहा कि अरावली क्षेत्र की पारिस्थितिक अखंडता से जुड़े किसी भी नियामकीय अंतर को रोकना जनहित में आवश्यक है।

नई परिभाषा पर उठे सवाल

20 नवंबर के आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण मंत्रालय की समिति की उस सिफारिश को स्वीकार किया था, जिसमें अरावली पहाड़ी को स्थानीय भू-स्तर से 100 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाली भू-आकृति के रूप में परिभाषित किया गया था, जबकि 500 मीटर के भीतर स्थित दो या अधिक ऐसी पहाड़ियों को 'अरावली पर्वतमाला' माना जाना था। हालांकि, पर्यावरणविदों और विभिन्न संगठनों ने आशंका जताई कि इस परिभाषा से अरावली क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा संरक्षण के दायरे से बाहर हो सकता है और इससे नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचने का खतरा है।

हाई पावर्ड एक्सपर्ट कमेटी निष्पक्ष विश्लेषण करेगी

कोर्ट ने एक हाई पावर्ड एक्सपर्ट कमेटी गठित करने का प्रस्ताव रखा है, जो मौजूदा समिति की रिपोर्ट का निष्पक्ष विश्लेषण करेगी। कमेटी यह भी जांचेगी कि क्या 100 मीटर की ऊंचाई और 500 मीटर की दूरी की शर्ते संरक्षण क्षेत्र को अनुचित रूप से सीमित कर देती हैं। जब तक नई समिति अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर देती, तब तक 9 मई 2024 के आदेश के अनुसार अरावली क्षेत्र में किसी भी नए खनन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

राज्य सरकार अरावली के संरक्षण को लेकर पूर्णतः गंभीर एवं प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार अरावली पर्वतमाला के संरक्षण को लेकर पूरी तरह गंभीर और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ संतुलित विकास सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने अरावली से जुड़े पूर्व आदेशों की समीक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा नई समिति गठित करने के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अरावली क्षेत्र में खनन पर केंद्र सरकार द्वारा लगाया गया प्रतिबंध यथावत रहेगा। इस निर्णय से अवैध खनन और खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई को और मजबूती मिलेगी तथा सरकार अरावली को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने के संकल्प के साथ कार्य करती रहेगी।

  Share on

Related News

visit e-papers
Epaper

आज का राशिफल

image

मेष

रुके काम बनेंगे, नौकरीपेशा और व्यापारियों के लिए शुभ।

image

वृष

आर्थिक स्थितियां बेहतर होने के साथ धनलाभ होगा।

image

मिथुन

गुरु शुभ फल देंगे, शत्रु पराजित होंगे

image

कर्क

मिलाजुला असर रहेगा, अतिरिक्त परिश्रम के साथ नौकरी पेशा को दिक्कतें आ सकती है।

image

सिंह

कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान के साथ मकान,वाहन सुख मिलेगा।

image

कन्या

कामकाज के अवसरों में वृद्धि, भाग्य का साथ मिलेगा।

image

तुला

धन की रुकावटें दूर होंगी, लाभ के अवसर बढ़ेंगे, धर्म में रुचि बढ़ेगी।

image

वृश्चिक

आर्थिक स्थिति सुधरेगी, व्यापार में निवेश संबंधी फैसले की आजादी मिलेगी।

image

धनु

लाभ में वृद्धि होगी, कोई बड़ी डील हाथ लग सकती है।

image

मकर

सुखद पलों की प्राप्ति होगी। फिजूल के खर्चे बढ़ेंगे, सुख सुविधाओं में इजाफा होगा।

image

कुंभ

धनलाभ के अवसरों में वृद्धि के साथ अपनी योजनाओं पर काम करते रहे।

image

मीन

संभलकर रहे, जल्दबाजी नहीं दिखाए। कानूनी वाद-विवादों से बचे।

Gallery