Thursday, January, 29,2026

'जनता के विश्वास से तय होती है लोकतंत्र की मजबूती'

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित राष्ट्रमंडल के अध्यक्षों एवं पीठासीन अधिकारियों का 28वां सम्मेलन (CSPOC) शुक्रवार को लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक जन-केंद्रित बनाने की नवीकृत प्रतिबद्धता के साथ संपन्न हुआ। दो दिवसीय सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाएं तभी प्रासंगिक और प्रभावी रह सकती हैं, जब वे पारदर्शी, समावेशी, उत्तरदायी और जनता के प्रति जवाबदेह हों।

समापन सत्र में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 29वें सीएसपीओसी की अध्यक्षता यूनाइटेड किंगडम के हाउस ऑफ कॉमन्स के अध्यक्ष सर लिंडसे होयल को सौंपी और लंदन में प्रस्तावित अगले सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

बिरला ने कहा कि पारदर्शिता निर्णय-प्रक्रिया में खुलेपन से जनता के विश्वास को सुदृढ़ करती है, जबकि समावेशन यह सुनिश्चित करता है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हर आवाज-विशेषकर हाशिये पर खड़े वर्गों की-सुनी जाए। उन्होंने 56 वर्ष पूर्व सीएसपीओसी की परिकल्पना को स्मरण करते हुए कहा कि 28वें सम्मेलन ने संसदीय संवाद की गौरवशाली परंपरा को नई ऊर्जा दी है। इस बार सर्वाधिक देशों की अभूतपूर्व भागीदारी ने सम्मेलन को राष्ट्रमंडल संसदीय सहयोग के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बनाया। सम्मेलन के सत्रों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने संसदों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जिम्मेदार उपयोग, सोशल मीडिया का प्रभाव, चुनावों से परे नागरिक सहभागिता, तथा सांसदों और संसदीय कर्मचारियों के स्वास्थ्य व कल्याण जैसे विषयों को विचारोत्तेजक बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रौद्योगिकी, समावेशन और वैश्विक साझेदारियां नई विश्व व्यवस्था को आकार देंगी तथा द्विपक्षीय बैठकों और अनौपचारिक संवादों से सदस्य देशों के बीच सहयोग और समझ और मजबूत हुई है।

लोकसभा अध्यक्ष ने सभी प्रतिनिधिमंडलों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि सीएसपीओसी आज भी संसदों को अधिक जन-केंद्रित, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के सामूहिक चिंतन का एक अद्वितीय मंच है। उन्होंने संविधान सदन में उद्घाटन और प्रेरक संबोधन के लिए प्रधानमंत्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। साथ ही अंतर-संसदीय संघ और राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के नेतृत्व के योगदान को भी सराहा।

सहमति-असहमति-दोनों ही लोकतंत्र की शक्ति

इससे पहले विशेष पूर्णाधिवेशन की अध्यक्षता करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि पीठासीन अधिकारियों का प्रमुख दायित्व है कि वे समकालीन आवश्यकताओं के अनुरूप लोकतांत्रिक संस्थाओं को ढालें। साथ ही संवैधानिक मूल्यों में दृढ़ता बनाए रखें। उन्होंने रेखांकित किया कि सहमति और असहमति-दोनों ही लोकतंत्र की शक्ति हैं, बशर्ते उन्हें संसदीय मर्यादा के भीतर व्यक्त किया जाए। ई-संसद, कागज-रहित कार्यप्रणाली और डिजिटल डाटाबेस जैसी पहलों को उन्होंने पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाने वाला बताया तथा स्थायी समितियों को 'लघु संसद' के रूप में सशक्त करने का आह्वान किया।

  Share on

Related News

Connect With Us

visit e-papers
Epaper

आज का राशिफल

image

मेष

रुके काम बनेंगे, नौकरीपेशा और व्यापारियों के लिए शुभ।

image

वृष

आर्थिक स्थितियां बेहतर होने के साथ धनलाभ होगा।

image

मिथुन

गुरु शुभ फल देंगे, शत्रु पराजित होंगे

image

कर्क

मिलाजुला असर रहेगा, अतिरिक्त परिश्रम के साथ नौकरी पेशा को दिक्कतें आ सकती है।

image

सिंह

कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान के साथ मकान,वाहन सुख मिलेगा।

image

कन्या

कामकाज के अवसरों में वृद्धि, भाग्य का साथ मिलेगा।

image

तुला

धन की रुकावटें दूर होंगी, लाभ के अवसर बढ़ेंगे, धर्म में रुचि बढ़ेगी।

image

वृश्चिक

आर्थिक स्थिति सुधरेगी, व्यापार में निवेश संबंधी फैसले की आजादी मिलेगी।

image

धनु

लाभ में वृद्धि होगी, कोई बड़ी डील हाथ लग सकती है।

image

मकर

सुखद पलों की प्राप्ति होगी। फिजूल के खर्चे बढ़ेंगे, सुख सुविधाओं में इजाफा होगा।

image

कुंभ

धनलाभ के अवसरों में वृद्धि के साथ अपनी योजनाओं पर काम करते रहे।

image

मीन

संभलकर रहे, जल्दबाजी नहीं दिखाए। कानूनी वाद-विवादों से बचे।

Gallery