Thursday, January, 29,2026

लोक कलाओं की गूंज से महक उठा कुंभलगढ़ का किला

उदयपुर: विश्वप्रसिद्ध कुंभलगढ़ किले में सोमवार को कुंभलगढ़ फेस्टिवल का शाही आगाज हुआ। तीन दिन तक चलने वाले इस फेस्टिवल ने लोक कलाओं और राजस्थान की परंपराओं की अनूठी छटा बिखेरी। उद्घाटन समारोह में पारंपरिक गैर, गवरी, कालबेलिया और भवाई नृत्य की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। जगमग रोशनी, परंपरागत ढोल-नगाड़ों की थाप और गरिमापूर्ण स्वागत ने कार्यक्रम की भव्यता में चार चांद लगा दिए।

देश-विदेश से आए पर्यटकों और कलाकारों की मौजूदगी ने माहौल को और भी खास बना दिया। शाम को लेजर लाइट शो के साथ मेवाड़ की गौरव गाथा का विशेष प्रदर्शन दर्शाया गया, जिसने किले के इतिहास को आधुनिक तकनीक से जीवंत कर दिया। महोत्सव में लोक नृत्य, लोक संगीत, शिल्प प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष कार्यक्रमों में विविधता के साथ नवीन आकर्षण भी होंगे। महोत्सव के दूसरे दिन फोक आर्ट प्रतियोगिता, पेंटिंग वर्कशॉप, पारंपरिक वाद्ययंत्रों की जुगलबंदी और युवा कलाकारों के लिए ओपन स्टेज कार्यक्रम रखा गया। पर्यटकों के लिए ऊंट सफारी, स्थानीय व्यंजनों का फूड जोन और हैंडीक्राफ्ट बाजार विशेष आकर्षण का केंद्र बनेंगे, जहां स्थानीय कारीगर अपनी अनूठी कला का प्रदर्शन करेंगे। अंतिम दिन लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।

फेस्टिवल का इतिहास

कुंभलगढ़ फेस्टिवल की शुरुआत राजस्थान पर्यटन विभाग ने राज्य लोक कलाओं को वैश्विक मंच देने के उद्देश्य से की थी। मेवाड़ की वीरधरा पर स्थित यह किला, जिसे महाराणा कुंभा ने 15 वीं शताब्दी में बनवाया था, न सिर्फ एक ऐतिहासिक धरोहर है, बल्कि कला परंपरा का प्रतीक भी माना जाता है। इसी सांस्कृतिक गौरव को जीवंत रखने के लिए हर वर्ष यहां यह उत्सव आयोजित किया जाता है। महोत्सव में राजस्थान के अलावा देशभर की विविध कला शैलियों को एक मंच पर पेश किया जाता है।

तीन दिन ये होंगे कार्यक्रम

पर्यटन विभाग की उप निदेशक शिखा सक्सेना ने बताया कि महोत्सव के कार्यक्रम कैलेंडर के अनुसार दो दिसंबर को शाम 7 बजे लोकराग संदीप रनू द्वारा लोक संगीत का नाट्य प्रस्तुतीकरण होगा, जबकि 3 दिसंबर को शाम 7 बजे नगाड़ा कॉन्सर्ट डांसिंग पीकॉक द्वारा ड्रम ओडिसी का भव्य आयोजन किया जाएगा। सभी कार्यक्रम कुंभलगढ़ दुर्ग, राजसमंद में आयोजित होंगे। साथ ही 1 से 3 दिसंबर तक तीनों दिन दोपहर के समय राजस्थानी लोक नृत्य एवं संगीत, पगड़ी पहनो प्रतियोगिता, टग ऑफ वॉर आदि कार्यक्रम आयोजित होंगे।

 

  Share on

Related News

Connect With Us

visit e-papers
Epaper

आज का राशिफल

image

मेष

रुके काम बनेंगे, नौकरीपेशा और व्यापारियों के लिए शुभ।

image

वृष

आर्थिक स्थितियां बेहतर होने के साथ धनलाभ होगा।

image

मिथुन

गुरु शुभ फल देंगे, शत्रु पराजित होंगे

image

कर्क

मिलाजुला असर रहेगा, अतिरिक्त परिश्रम के साथ नौकरी पेशा को दिक्कतें आ सकती है।

image

सिंह

कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान के साथ मकान,वाहन सुख मिलेगा।

image

कन्या

कामकाज के अवसरों में वृद्धि, भाग्य का साथ मिलेगा।

image

तुला

धन की रुकावटें दूर होंगी, लाभ के अवसर बढ़ेंगे, धर्म में रुचि बढ़ेगी।

image

वृश्चिक

आर्थिक स्थिति सुधरेगी, व्यापार में निवेश संबंधी फैसले की आजादी मिलेगी।

image

धनु

लाभ में वृद्धि होगी, कोई बड़ी डील हाथ लग सकती है।

image

मकर

सुखद पलों की प्राप्ति होगी। फिजूल के खर्चे बढ़ेंगे, सुख सुविधाओं में इजाफा होगा।

image

कुंभ

धनलाभ के अवसरों में वृद्धि के साथ अपनी योजनाओं पर काम करते रहे।

image

मीन

संभलकर रहे, जल्दबाजी नहीं दिखाए। कानूनी वाद-विवादों से बचे।

Gallery