Saturday, April, 05,2025

राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024, राजस्थानः विकास व अवसरों की वैश्विक उड़ान

जयपुर: राजस्थान अपनी गौरवशाली परंपराओं और बहुमुखी सांस्कृतिक धरोहर के साथ विकास और निवेश के नए आयामों की ओर अग्रसर है। जयपुर में आयोजित तीन दिवसीय "राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट" ने प्रदेश को वैश्विक मंच पर न केवल एक निवेश हब के रूप में प्रस्तुत किया, बल्कि इसे नए भारत के विकास केंद्र में स्थापित किया। इस सम्मेलन से राजस्थान ने देश और दुनिया के सामने अपनी असीम संभावनाओं का प्रदर्शन किया। उम्मीद है कि राइजिंग राजस्थान वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन राजस्थान में निवेश और विकास का नया अध्याय साबित होगा।

 

प्रधानमंत्री का प्रेरणास्पद संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 दिसंबर को जयपुर के जेईसीसी में राइजिंग राजस्थान वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन 2024 और राजस्थान वैश्विक व्यापार एक्सपो का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में उन्होंने इसे राजस्थान की विकास यात्रा को ऐतिहासिक कदम बताया और विगत एक वर्ष के दौरान हुए उल्लेखनीय प्रयासों के बाद राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार की सराहना की।

मोदी ने भारत की प्रगति में राजस्थान के योगदान की चर्चा की और राजस्थान की प्रगति को राष्ट्रीय विकास की कुंजी बताया। उन्होंने राज्य की विकास क्षमता का पूरा उपयोग करने पर बल देते हुए जस्ता, तांबा, संगमरमर, पोटाश जैसे खनिज भंडारों में अग्रणी राजस्थान में इनके समुचित दोहन की जरूरत जताई। राज्य अक्षय ऊर्जा विशेषकर सौर ऊर्जा उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा हैं। राजस्थान 27 लाख से अधिक लघु व सूक्ष्म उद्योगों के साथ भारत के शीर्ष 5 राज्यों में है।

प्रधानमंत्री ने राजस्थान को पर्यटन का केंद्र बताते हुए यहां की विरासत, वन्यजीवन और इको-टूरिज्म की अपार संभावनाओं के दोहन की आवश्यकता प्रतिपादित की। उन्होंने विनिर्माण क्षेत्र में विशेषकर ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उद्योग में राजस्थान की बढ़ती भूमिका को सराहा। उन्होंने राज्य सरकार और जनता के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राजस्थान चुनौतियों का सामना करने और नई ऊंचाइयां छूने में अग्रणी है।

 

मुख्यमंत्री का दूरदर्शी नेतृत्व
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दूरदर्शितापूर्ण कदम उठाते हुए अपने कार्यकाल के पहले वर्ष में ही यह आयोजन किया है। स्पष्ट है कि सरकार अपने वर्तमान कार्यकाल के शेष चार वर्षों में सम्मेलन में प्रस्तावित निवेश को वास्तविक धरातल पर उतारने का भरपूर प्रयास करेगी। उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री ने इस आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। इस आयोजन से राज्य में उद्योग, व्यापार और पर्यटन के नए आयाम स्थापित होंगे।

 

उद्योग जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों की भागीदारी
उद्घाटन सत्र में वेदांता समूह के संस्थापक अनिल अग्रवाल ने प्राकृतिक संसाधनों से अत्यंत समृद्ध राजस्थान में भूगर्भ के संसाधनों का समुचित दोहन करने पर बल दिया। महिंद्रा समूह के अध्यक्ष आनंद महिंद्रा ने राजस्थान की बावड़ियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राचीन काल से ही यहां के निवासियों की नवाचार की प्रवृत्ति ने राजस्थान वासियों को व्यापार के क्षेत्र में अग्रणी बनाया है।

आदित्य बिड़ला समूह के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला ने राजस्थान के तीव्र विकास के लिए खनिज, आधारभूत ढांचा, पर्यटन और अक्षय ऊर्जा को विशेष महत्व देने की आवश्यकता प्रतिपादित की। अडाणी पोट्र्स एंड स्पेशल इकोनामिक जोन के एमडी करण अडाणी ने राजस्थान में 7.5 लाख करोड़ रु. निवेश की घोषणा की।

 

सामाजिक निवेश पर भी जोर
प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन में सामाजिक निवेश पर भी जोर दिया गया। पीरामल ग्रुप के अजय पीरामल ने सामाजिक विकास में भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राजस्थान सरकार के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य करने की प्रतिवद्धता जताई। प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन में आए प्रवासियों ने कहा कि सम्मेलन ने राजस्थान को एक रेगिस्तानी राज्य से अक्सरों की भूमि में बदलने की नीव रखी है।

 

राज्य के समग्र विकास की नई दिशा
राइजिंग राजस्थान ग्लोवल इन्वेस्टमेंट समिट राज्य के समग्र विकास और आमजन की भलाई सुनिश्चित करने आर्थिक व सामाजिक विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने की और सार्थक कदम सिद्ध हुला है। इस भव्य आयोजन के दौरान निवेश के नए रिकॉर्ड स्थापित करते हुए 35 लाख करोड़ रुपए से अधिक के एमओयू संपन्न किए गए। इसके लिए 3 अंतरराष्ट्रीय निवेशक बैठकों का आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री भजनलाल शमां के कुशल नेतृत्व और अधक प्रयासों के परिणामस्वरूप इस समिट में 17 देशों ने साझेदार के रूप में भाग लिया, जबकि 15 देशों ने प्रतिभागी के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सम्मेलन के दौरान अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए आयोजित सेशंस में निवेशकों को राजस्थान के औद्योगिक, आर्थिक और सांस्कृतिक धरातल से अवगत करवाकर निवेश के प्रति रुचि बढ़ाने के प्रयास किए गए।

 

हर साल 10 दिसंबर को होगा प्रवासी दिवस
प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन में दुनियाभर से प्रवासी राजस्थानियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने हर साल 10 दिसंबर को "प्रवासी दिवस के रूप में मनाने और प्रवासी राजस्थानियों के लिए एक अलग विभाग स्थापित करने की महत्वपूर्ण घोषणा की। यह कदम प्रवासी राजस्थानियों को राज्य के विकास से जोड़ने और उनकी सहभागिता बढ़ाने की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल है। मुख्यमंत्री ने दो वर्ष बाद इसी प्रकार का राइजिंग राजस्थान सम्मेलन आयोजित करने की भी घोषणा की है।

 

राजस्थान के विकास का नया अध्याय
"राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दूसरे दिन इस गौरवशाली राज्य को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना को साकार करने का प्रयास किया गया एवं प्रदेश के आर्थिक, सांस्कृतिक और औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें की गई।

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने प्रवासी राजस्थानियों की सफलता की कहानियों को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रवासी राजस्थानियों ने जहां भी कदम रखा, वहां की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया। सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर ने राजस्थानियों के परिश्रम और समर्पण की प्रशंसा करते हुए उन्हें अपनी जड़ों से जुड़े रहने और हर वर्ष अपने गांव लौटने की अपील की। यह भावनात्मक पहल न केवल उनके सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करेगी, बल्कि राज्य के विकास में भी योगदान देगी।

 

महत्वपूर्ण सत्रों का आयोजन
मुख्यमंत्री शर्मा ने सम्मेलन में आयोजित महत्वपूर्ण सत्रों में राज्य सरकार की समावेशी विकास की प्रतिवद्धता को दोहराया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में चार जातियां हैं-महिला, किसान, युवा और मजदूर। महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए मुख्यमंत्री ने कई योजनाओं की घोषणा की।

उन्होंने बताया कि 1.25 लाख छात्राओं को साइकिल और 21 हजार छात्राओं को स्कूटी वितरण किया जा रहा है। साथ ही, एक लाख महिलाओं को लखपति दीदी के रूप में सम्मान दिलाया जाएगा। महिलाओं के 10 हजार स्वयं सहायता समूहों को 15 हजार रुपए प्रति समूह रिवॉल्विंग फंड का हस्तांतरण किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने 450 रु. में गैस सिलेंडर योजना के विस्तार के बारे में जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन पर्यटन, नवीकरणीय ऊर्जा और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्रों में हुए समझौते राज्य के विकास को नई ऊंचाई देंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए सिंगल विंडो प्रणाली और 10 नई नीतियां लागू की हैं। नवीकरणीय ऊर्जा सत्र में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में राजस्थान की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया गया कि राज्य 426 गीगावाट की क्षमता वाले संसाधनों का केंद्र है।

मुख्यमंत्री ने कहा, "राजस्थान की मिट्टी सोना है, जो न केवल हमारी इमारतों को मजबूती देती है बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी ऊंचाई देती है।" पर्यटन संबंधित सत्र में राज्य में एक्सपीरियेशल टूरिज्म और आध्यात्मिक पर्यटन की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया। इस सत्र में प्रसिद्ध कवि और अभिनेता शैलेश लोढ़ा ने कहा, 'राजस्थान की विविधता इसे विश्व का अनूठा पर्यटन गंतव्य बनाती है।"

 

राजस्थान अब अवसरों की भूमि
सीएम शमां ने बताया कि राजस्थान अब "अवसरों की भूमि" बन गया है। राज्य में हाईवे, रेलवे और हवाई अड्डों का व्यापक नेटवर्क इसे व्यापार और परिवहन का आदर्श केंद्र बनाता है। दिल्ली-मुंबई फ्रेट कॉरिडोर और अक्षय ऊर्जा उत्पादन में राजस्थान की अग्रणी भूमिका ने इसे निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बना दिया है।

 

अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने अगले 5 वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने के संकल्प का उल्लेख किया। उन्होंने आधारभूत ढांचे से संबंधित सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना 2024 ने औद्योगिक विकास के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है। खनिज, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, वस्त्र और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए व्यापक अवसर हैं।

 

श्रीअत्र प्रमोशन एजेंसी स्थापना की घोषणा
मुख्यमंत्री ने "श्रीअन्न प्रमोशन एजेंसी" की स्थापना की घोषणा की, जी मोटे अनाज के उत्पादन और विपणन को बढ़ावा देगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान की जलवायु और भौगोलिक स्थिति इसे कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में निवेश के लिए आदर्श बनाती है। राज्य सरकार ने सुरक्षित भंडारण और परिवहन के लिए वेयरहाउस और कोल्ड चेन सुविधाओं के विकास की दिशा में कदम उठाए हैं।

शिक्षा और कौशल विकास सत्र में उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में निवेश और सुधार राज्य सरकार की प्राथमिकता रही है। राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विश्वस्तरीय उच्व शिक्षा प्रणाली स्थापित करने के लिए कई नीतियां लागू की गई हैं। तकनीकी और व्यवसायिक पाठ्यक्रमों को मातृभाषा में उपलब्ध कराना और फिनिशिंग स्कूल सेंटर की स्थापना, राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने में मददगार साबित होंगे।

 

केंद्रीय मंत्रियों की भागीदारी
सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दावा किया कि 5 जनवरी से दिल्ली- जयपुर एक्सप्रेस-वे से दिल्ली से जयपुर अब सिर्फ सवा दो घंटे में पहुंचा जा सकेगा। गडकरी ने राजस्थान के लिए 30 हजार करोड़ रुपए की 9 सड़क परियोजनाओं की घोषणा की। इन परियोजनाओं से राज्य में सड़क नेटवर्क मजबूत होगा और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कुशल कार्यबल और विशाल बाजार को देखते हुए वैश्विक कंपनियां भारत में अपना आधार स्थापित करने के लिए उत्सुक हैं। राजस्थान में व्यापार के बड़े अवसर है और कंपनियों को यहां निवेश कर इसका लाभ उठाना चाहिए। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फूड प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि राज्य में बाजरा, सरसों, और तिलहन उत्पादन में राजस्थान का देशभर में अग्रणी स्थान है

 

रीजनल वॉटर सिक्योरिटी
टेक्नोलॉजी एंड गवर्नेस सत्र में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जल संरक्षण के लिए इजराइल के तकनीकी समाधानों की प्रशंसा की। इस दौरान राजस्थान और इजराइल के बीच जल प्रबंधन में सहयोग को लेकर MOU किए गए। केंद्रीय खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने खनन क्षेत्र को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बताते हुए कहा कि राजस्थान पोटाश, जिप्सम, तांबा और प्राकृतिक स्टोन के भंडारों का अग्रणी केंद्र है।

समापन सत्र में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पहले साल में मुख्यमंत्री शर्मा द्वारा इन्वेस्टमेंट समिट के आयोजन को अत्यंत उल्लेखनीय बताया व उद्योग व्यापार के लिए मारवाड़ी समाज को जमकर सराहना की।

 

वैश्विक निवेश को विशेष प्रोत्साहन
राइजिंग राजस्थान के दौरान जापान, द. कोरिया, अमेरिका, ब्राजील, जर्मनी, इंग्लैंड, डेनमार्क, मलेशिया, स्पेन, वेनेजुएला और मोरक्को के साथ कंट्री सेशन आयोजित किए गए। जापान के कंट्री सेशन में वसेंटिलिटी ऑफ इंडस्ट्रीज-मैन्युफैक्वरिंग एंड बियोंड विषय पर व्यापक चर्चा हुई। भारत में जापान के राजदूत किची ओनी ने कहा कि 2014 के बाद से राजस्थान में जापानी निवेश में तेजी आई है। भारत में होने वाले कुल जापानी निवेश का 5% राजस्थान में होता है।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले समय में जापानी कंपनियां राजस्थान में रिन्यूएबल एनर्जी, रोबोटिक्स और सोलर एनर्जी जैसे क्षेत्रों में निवेश करेंगी। नीमराना में जापानी कंपनियों द्वारा करीब 48 निवेश परियोजनाएं चल रही हैं एवं राज्य सरकार नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बना रही है।

दूसरे दिन का मुख्य आकर्षण अमेरिका कंट्री सेशन रहा। यहां विनिर्माण, आपूर्ति श्रृंखला, स्थिरता व रक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भारत व अमेरिका के बीच सहयोग को प्रोत्साहन देने पर चर्चा हुई। अमेरिकी कंपनियां भारत में 1000 से अधिक उद्योग संचालित कर रही हैं। एप्पल जैसी कंपनियां अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुकी हैं। सऊदी अरब के प्रतिनिधि मंडल ने खनिज व पेट्रो केमिकल सेक्टर में रुचि दिखाते हुए राज्य में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की।

 

एमएसएमई कॉन्क्लेव का आयोजन
सम्मेलन के अंतिम दिन, राज्य के एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एमएसएमई कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। राजस्थान में एमएसएमई का सकल राज्य घरेलू उत्पाद में लगभग एक चौथाई योगदान है। यह निर्यात में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

 

राजस्थान ग्लोबल बिजनेस एक्सपो
समिट में "राजस्थान ग्लोवल बिजनेस एक्सपो विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस में राजस्थान मंडप, विभिन्न देशों के मंडप, स्टार्टअप मंडप, प्रमुख कंपनियों और सरकारी विभागों के स्टाल शामिल थे। यह एक्सपो न केवल निवेशकों के लिए राज्य की क्षमताओं को समझने का मंच बना, बल्कि राजस्थान की विकास यात्रा का भी प्रमाण था। अंतरराष्ट्रीय स्तर का राजस्थान पवेलियन सर्वाधिक आकर्षण का केंद्र रहा।

लब्बो लुआब यह है कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 ने राज्य को आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने की आधारशिला रखी है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह आयोजन राज्य के लिए निवेश और रोजगार के असंख्य अवसर सृजित करेगा। निजी और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की भागीदारी ने राजस्थान को "अवसरों की भूमि" के रूप में वैश्विक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया है।

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