Monday, December, 01,2025

राम मंदिर ध्वजारोहण युगांतकारी, सदियों के जख्म भर रहे हैं: मोदी

अयोध्या: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा फहराई। इस ऐतिहासिक अवसर को उन्होंने 'युर्गातकारी क्षण' बताते हुए कहा कि सदियों का इंतजार और घाव आज भर रहे हैं। उन्होंने कहा, '500 साल पुराना संकल्प आज पूरा हो रहा है। असत्य पर सत्य की विजय का यह प्रतीक है।' ध्वजारोहण समारोह में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अनेक संत और गणमान्य उपस्थित रहे। इस दौरान अयोध्या की सड़कों पर हजारों लोग 'जय श्रीराम' के जयघोष के साथ पुष्प वषा करते दिखे। मोदी सुबह मंदिर पहुंचे और रामदरबार में पूजा-अर्चना व रामलला के दर्शन किए। इसके पश्चात 11.50 बजे अभिजीत मुहूर्त में 2 किलो की केसरिया धर्मध्वजा 161 फीट ऊंचे शिखर पर फहराई गई। राम मंदिर के शिखर पर 22 फीट लंबी और 11 फीट चौड़ी धर्मध्वजा लहरा रही है। प्रधानमंत्री ने ध्वजा को प्रणाम करते हुए भावविभोर होकर सिर झुकाया।

'सबका प्रयास, तभी विकसित भारत'

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने बीते 11 वर्षों में महिला, दलित, पिछड़े, आदिवासी, किसान और युवा सभी को विकास के केंद्र में रखा है। उन्होंने कहा कि जब हर व्यक्ति सशक्त होगा, तभी संकल्प सिद्ध होगा। 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर हमें विकसित भारत का निर्माण करना है। मोदी ने मंदिर निर्माण में योगदान देने वालों और हर रामभक्त के आशीर्वाद का आभार व्यक्त किया।

ऐतिहासिक यात्रा का नया पड़ाव

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह धर्मध्वजा सदियों तक प्रभु राम के आदर्शों का जयघोष करेगा। यह हमें प्रेरित करेगा कि हम ऐसा समाज बनाएं जहां कोई गरीब न हो, कोई पीड़ित न हो। उन्होंने आग्रह किया कि अयोध्या आने वाला हर भक्त सप्त मंदिर के दर्शन अवश्य करे, जो सामाजिक सद्भाव और समरसता का संदेश देते हैं।

अयोध्या में सुरक्षा और भव्य स्वागत

शहर को 1000 क्विंटल फूलों से सजाया गया। मंदिर परिसर में 5-लेवर सुरक्षा तैनात रही। प्रधानमंत्री ने साकेत कोलेज से रामजन्मभूमि तक 1.5 किमी रोड शो भी किया। छात्रों और महिलाओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।

राम व्यक्ति नहीं, मूल्य और मर्यादा हैं

पीएम मोदी ने अपने 32 मिनट के संबोधन में कहा कि राम सिर्फ व्यक्ति नहीं, मूल्य हैं। मर्यादा है। दिशा है। अगर भारत को 2047 तक विकसित बनाना है, तो हर भारतीय के भीतर राम के आदशों को जगाना होगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या की यह भूमि बताती है कि किस तरह एक सामान्य मनुष्य समाज के संस्कारों और शक्ति से मर्यादा पुरुषोत्तम बन सकता है। मोदी ने कहा कि भारत को अपनी सास्कृतिक चेतना पर गर्व करते हुए आगे बढ़ना होगा। उन्होंने लॉर्ड मैकाले का उल्लेख करते हुए कहा, 190 साल पहले बोई गई मानसिक गुलामी की जड़े अब भी शेष है।

आने वाले 10 वर्षों में हमें इस मानसिक गुलामी से पूरी तरह मुक्त होना है। भारत लोकतंत्र की जननी है। लोकतंत्र हमारे DNA में है। उन्होंने कहा कि धर्मध्वजा केवल एक ध्वज भर नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज है, जिसका ओम अंकन और भगवा रंग रामराज्य के आदशों का प्रतीक है।

राम मंदिर आंदोलन के बलिदानियों की आत्मा तृप्त हुईः भागवत

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में जिन्होंने अपने प्राण अर्पण किए, आज उनकी आत्मा तृप्त हुई होगी। अशोक सिंघल सहित वे सभी जिन्होंने संघर्ष, पसीना और त्याग दिया, आज इस क्षण को देखकर प्रसन्न होंगे। मंदिर निर्माण अब शास्त्रीय रूप से पूर्ण हो चुका है और ध्वजारोहण ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि जैसे रथ संचालित करने के लिए सारथी आवश्यक होता है, वैसे ही भारत को विश्व में शांति फैलाने वाली शक्ति बनकर आगे आना होगा।

 

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