Wednesday, October, 07,2026

मोदी की 25 साल की सेवा यात्रा... अटूट नेतृत्व, हर चुनौती पर जीत

भारत की राजनीति में कुछ यात्राएं सिर्फ पद और सत्ता की यात्रा नहीं होतीं, वे बदलते समय और बदलती सोच की कहानी भी होती हैं। नरेंद्र मोदी का सार्वजनिक जीवन ऐसी ही यात्रा है। गुजरात की धरती से शुरू हुआ यह सफर आज प्रधानमंत्री के रूप में 25 साल की सार्वजनिक सेवा के पड़ाव तक पहुंच चुका है। महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमि गुजरात ने उन्हें संगठन से शासन और फिर राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचाया। कभी-कभी इतिहास के बड़े मोड़ किसी भव्य मंच पर नहीं, बल्कि एक छोटे से फैसले में तय होते हैं। मोदी के जीवन में ऐसा ही मोड़ अक्टूबर 2001 में आया, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें गुजरात की जिम्मेदारी संभालने को कहा। उस समय गुजरात भूकंप की त्रासदी से उबर रहा था और पुनर्वास व पुननिर्माण सबसे बड़ी चुनौती थी। मोदी ने बाद में उस दौर को बाद करते हुए कहा कि गुजरात का पुनर्वास उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी थी। 7 अक्टूबर 2001 को मुख्यमंत्री पद की शपथ के साथ उनकी प्रशासनिक यात्रा शुरू हुई।

मुख्यमंत्री के रूप में मोदी ने प्रशासनिक सुधार, बुनियादी ढांचे, औद्योगिकीकरण और निवेश को प्राथमिकता दी। 2003 में शुरू हुआ वाइब्रेंट गुजरात आगे चलकर निवेश के बड़े मंच के रूप में स्थापित हुआ। 2007 में भाजपा ने 117 सीटें जीतकर उन्हें लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनाया। 2012 की जीत ने उनके नेतृत्व को और मजबूत किया। इसी दौर में 'गुजरात मॉडल' राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बना। फिर आया 2014 का निर्णायक मोड़। भाजपा ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाया। मोदी ने वाराणसी और वडोदरा से चुनाव लड़ा और दोनों सीटों पर जीत दर्ज की। भाजपा ने 282 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत हासिल किया और 26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।

प्रधानमंत्री के रूप में उनके पहले स्वतंत्रता दिवस भाषण की एक पंक्ति ने उनकी कार्यशैली का सार सामने रखा-'मैं प्रधानमंत्री नहीं हूं, मैं प्रधान सेवक हूं।' यही 'सेवक' वाली छवि आगे उनके जनसंवाद और शासन शैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी। मोदी सरकार की पहचान बड़ी योजनाओं को मिशन की तरह लागू करने से भी बनी। जनधन, स्वच्छ भारत, उज्वला, प्रधानमंत्री आवास, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं के जरिए बैंकिंग, स्वच्छता, आवास, गैस कनेक्शन, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी सुविधाओं को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास हुआ। डिजिटल इंडिया ने शास्मन और नागरिक सेवाओं के बीच तकनीक की भूमिका को मजबूत किया। ऑनलाइन भुगतान और डिजिटल लेनदेन का विस्तार हुआ और यूपीआई ने रोजमर्रा के आर्थिक व्यवहार को नई गति दी। तकनीक को सुशासन का माध्यम बनाना मोदी की प्रशासनिक शैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।

मोदी के नेतृत्व में सरकार ने कई बड़े नीतिगत फैसले लिए। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों में बदलाव, राम मंदिर निर्माण से जुड़े घटनाक्रम, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियान उनके शासनकाल के प्रमुख अध्याय रहे। रक्षा, विनिर्माण, व्यापार और तकनीक में स्वदेशी क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया। आत्मनिर्भरता की नीति को केवल आर्थिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की रणनीतिक ताकत से जोड़ने की कोशिश हुई।
मोदी के सार्वजनिक जीवन में भारतीय संस्कृति, योग और विरासत का विषय भी लगातार प्रमुख रहा है। भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया और 177 देशों ने प्रस्ताव का समर्थन किया। योग को वैश्विक मंच पर भारत की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने में इस पहल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मोदी की नेतृत्व शैली की एक अलग पहचान उनका संवाद है। 'मन की बात', सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए नागरिकों से सीधे संवाद ने राजनीतिक संचार को नया आयाम दिया। प्रधानमंत्री और आम नागरिक के बीच दूरी कम करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल उनकी सार्वजनिक शैली की खासियत बना। गुजरात के मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री और फिर वैश्विक मंच पर भारत की आवाज को मजबूती से रखने वाले नेता तक मोदी की यात्रा 25 साल का लंबा पड़ाव पार कर चुकी है। इस दौरान प्रशासनिक प्रयोग, बुनियादी ढांचे का विस्तार, डिजिटल बदलाव, जनकल्याणकारी योजनाएं, आत्मनिर्भरता, सांस्कृतिक विरासत और जनसंवाद सभी उनकी नेतृत्व यात्रा के महत्वपूर्ण हिस्से बने।

आज इस यात्रा का अगला बड़ा लक्ष्य 2047 का विकसित भारत है। 25 साल पहले गुजरात से शुरू हुई प्रशासन की यह यात्रा अब उस संकल्प तक पहुंच चुकी है, जहां लक्ष्य केवल सरकार चलाना नहीं, बल्कि भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। संगठन के कार्यकर्ता से 'प्रधान सेवक' तक का यह सफर भारतीय राजनीति में नेतृत्व, प्रशासन और जनसंवाद की एक विशिष्ट कहानी बन चुका है।

  Share on

Related News

Connect With Us

visit e-papers
Epaper

आज का राशिफल

image

मेष

रुके काम बनेंगे, नौकरीपेशा और व्यापारियों के लिए शुभ।

image

वृष

आर्थिक स्थितियां बेहतर होने के साथ धनलाभ होगा।

image

मिथुन

गुरु शुभ फल देंगे, शत्रु पराजित होंगे

image

कर्क

मिलाजुला असर रहेगा, अतिरिक्त परिश्रम के साथ नौकरी पेशा को दिक्कतें आ सकती है।

image

सिंह

कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान के साथ मकान,वाहन सुख मिलेगा।

image

कन्या

कामकाज के अवसरों में वृद्धि, भाग्य का साथ मिलेगा।

image

तुला

धन की रुकावटें दूर होंगी, लाभ के अवसर बढ़ेंगे, धर्म में रुचि बढ़ेगी।

image

वृश्चिक

आर्थिक स्थिति सुधरेगी, व्यापार में निवेश संबंधी फैसले की आजादी मिलेगी।

image

धनु

लाभ में वृद्धि होगी, कोई बड़ी डील हाथ लग सकती है।

image

मकर

सुखद पलों की प्राप्ति होगी। फिजूल के खर्चे बढ़ेंगे, सुख सुविधाओं में इजाफा होगा।

image

कुंभ

धनलाभ के अवसरों में वृद्धि के साथ अपनी योजनाओं पर काम करते रहे।

image

मीन

संभलकर रहे, जल्दबाजी नहीं दिखाए। कानूनी वाद-विवादों से बचे।

Gallery