Saturday, April, 05,2025

नए 'वक्फ' से उम्मीद की नई सुबह

नई दिल्ली: लोकसभा में पास होने के बाद वक्फ संशोधन विधेयक-2025 को गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया गया। दोपहर 1 बजे से लेकर आधी रात के बाद तक इस विधेयक पर लंबी चर्चा चलती रही। एनडीए के बहुमत के आंकड़े को देखते हुए इस बिल का पारित होना लगभग तय माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार इस विधेयक को पारित कराकर इतिहास रच रही है। राज्यसभा से पारित होने
के बाद यह बिल राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा और उनकी मंजूरी के बाद नया वक्फ कानून अस्तित्व में आ जाएगा। तीन तलाक और धारा 370 के बाद मोदी सरकार का यह कदम मुस्लिम समुदाय के लिए 'उम्मीदों को नई सुबह' लेकर आएगा। इससे पहले बुधवार को लोकसभा में 12 घंटे तक चचों के बाद रात 2 बजे वोटिंग हुई, जिसमें 520 सांसदों ने भाग लिया। 288 सांसदों ने बिल के पक्ष में और 232 सांसदों ने विरोध में मतदान किया।

भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राज्यसभा में चर्चा के दौरान कहा, जब वक्फ पर हम बात कर रहे हैं, तब इसकी रुखसती का वक्त आ गया है। JBC सदस्यों और सरकार ने इस बिल पर पूरी ईमानदारी से काम किया है, जैसे कोई इबादत करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि देश में सुनी और शिया वक्फ बोर्ड अलग-अलग क्यों हैं और दावा किया कि सरकार ने पहली बार मुस्लिम समाज के सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का कार्य किया है।

बिल पारदर्शिता लाने वाला कदमः जेपी नड्डा

राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक-2025 पर चर्चा के दौरान सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि इस बिल का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के रखरखाव में पारदर्शिता लाना और उनके दुरुपयोग को रोकना है। इस बिल पर व्यापक चर्चा हुई है और यह पहले के संशोधनों की कमियों को दूर करेगा। जेपी नड्डा ने विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा, 2013 की जेपीसी में केवल 13 सदस्य थे, जबकि इस बार 31 सदस्य शामिल किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई मुस्लिम देशों में वक्फ संपत्तियों का रखरखाव सरकारें करती हैं, जबकि भारत में सिर्फ सुव्यवस्थित प्रबंधन की बात की जा रही है। नड्डा ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा, वे संविधान की किताब लेकर घूमते हैं, लेकिन उसका सही उपयोग नहीं करते।

ये बिल परेशान करने के लिए लाया गया है: खरगे

राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक-2025 पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे अल्पसंख्यकों को परेशान करने वाला बताया। उन्होंने कहा, देश में ऐसा माहौल बनाया गया है कि यह बिल माइनॉरिटीज को तंग करने के लिए लाया गया है। खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा ठीक नहीं है और यह विधेयक वक्फ संपत्तियों पर नियंत्रण के उद्देश्य से लाया गया है। लोकसभा में बिल के पक्ष में 288 और विरोध में 232 वोट आए, जो दर्शाता है कि इसमें खामियां हैं। विपक्ष का दावा है कि यह विधेयक अल्पसंख्यकों के अधिकारों को सीमित करने का प्रयास है, जबकि सरकार इसे प्रशासनिक सुधार के लिए आवश्यक कदम बता रही है।

विधेयक लाने से पहले व्यापक विचार-विमर्श किया गयाः रिजिजू

राज्यसभा में गुरुवार को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 को लाने से पहले विभिन्न पक्षों से व्यापक विचार-विमर्श किया गया। रिजिजू ने उच्च सदन में कहा कि विधेयक का उद्देश्य वक्फ बोर्ड के प्रशासन को पारदर्शी और समावेशी बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार वक्फ़ संपत्तियों के प्रबंधन में कोई हस्तक्षेप नहीं करती। मंत्री ने बताया कि 2013 में किए गए संशोधन के अनुसार, कोई भी व्यक्ति वक्फ कर सकता था, लेकिन नए विधेयक में केवल पांच वर्षों से इस्लाम धर्म का पालन करने वाले व्यक्ति को ही यह अधिकार दिया गया है। विधेयक के पारित होने से वक्फ संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा, जिससे गरीब मुस्लिम समुदाय को लाभ मिलेगा। लोकसभा पहले ही इस विधेयक को पारित कर चुकी है।

विपक्ष का तीखा हमला समर्थन में भी उतरीं कुछ पार्टियां

राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने इस विधेयक को संविधान विरोधी बताते हुए कहा कि संशोधन कम, साजिश ज्यादा है। यह बिल सत्ता की मनमानी है, जो 100% संविधान के अनुच्छेद 25-26 का उल्लंघन करता है।

पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवगौड़ा ने जनता दल (सेक्युलर) की ओर से बिल का समर्थन करते हुए कहा कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकने के लिए लाया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए कहा कि दानदाताओं द्वारा • दी गई संपत्तियों को हड़पने से रोकने के लिए यह बिल जरूरी है।

शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा कि आज मुस्लिमों की इतनी चिंता हो रही है, जितनी बैरिस्टर जिन्ना ने 'भी नहीं की थी। लगता है कि जिन्ना की आत्मा रिजिजू जी के अंदर आ गई है।

कांग्रेस सासद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि यह बिल मुस्लिमों के लिए न तो नई उम्मीद है और न ही उम्मीद की किरण। भाजपा के पास एक भी मुस्लिम महिला सासद नहीं है, लेकिन वह उनके इक की बात करती है। उन्होंने शेर पढ़ते हुए सरकार पर निशाना साधा "भी आज जद पर हूँ तो इतना खुश-शुमान न हो, चराग सब के बुद्धोंगे, हवा किसी की नहीं...।"

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