Tuesday, June, 09,2026

शेखावत के बचाव में उतरी BJP आरोपों पर किया पलटवार

जयपुर: राजस्थान की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हालिया बयान ने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी है। मानेसर प्रकरण, सचिन पायलट और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को लेकर गहलोत की टिप्पणियों के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा ने इसे कांग्रेस की अंदरूनी कलह और गुटबाजी का प्रमाण बताते हुए गहलोत पर तीखा हमला बोला है, वहीं, कांग्रेस नेताओं ने भी भाजपा के आरोपों का आक्रामक अंदाज में जवाब दिया है।

भाजपा मुख्यालय में सोमवार को भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा। भाजपा नेताओं का कहना था कि कांग्रेस आज भी गुटबाजी और अंतर्कलह से उबर नहीं पाई है और यही उसकी लगातार राजनीतिक कमजोरी का सबसे बड़ा कारण बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान और कांग्रेस का इतिहास इस बात का साक्षी है कि पार्टी में जिस किसी नेता या कार्यकर्ता ने अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत करने का प्रयास किया, उसे हाशिये पर धकेलने की कोशिश की गई।

साहसी होते तो वॉइस सैंपल देतेः धर्मेंद्र

दूसरी ओर कांग्रेस ने भी भाजपा के हमलों का जवाब दिया। कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौड़ ने शेखावत पर निशाना साधते हुए कहा कि 'मैंने तो सुना है कि सरकार गिराने के षड्यंत्र के दौरान आप एसओजी के डर से बंगले से कूदकर भाग गए थे। वॉइस सैंपल देने से बचने के लिए कई अदालतों का दरवाजा खटखटाया। यदि ईमानदार और साहसी होते तो वॉइस सैंपल देते। मेरे घर केंद्रीय एजेंसियां आई, लेकिन में कहीं नहीं भागा और पूरा सहयोग किया, क्योंकि मैं ईमानदार था। दुर्गादास राठौड़ के असली अनुयायी ऐसे होते है?

दौसा सांसद और पूर्व मंत्री भी बोले...

दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के 10 करोड़ रुपए संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर ऐसे सौदे हुए होते तो आज मैं यहां खड़ा होकर भाषण नहीं दे रहा होता। जनता मुझे अच्छी तरह जानती है। वहीं, पूर्व मंत्री परसादी लाल मीणा ने मानेसर प्रकरण और सरकार गिराने की कथित कोशिशों को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि सरकार बच गई थी न, अब यह बात बहुत पुरानी हो चुकी है।

भाजपा नेताओं ने कहा...

मैं पूज्य वीर दुर्गादास राठौड़ जी की परंपरा का अनुयायी हूं। डर मेरे खून में नहीं है। आपको अपने अप्रासंगिक हो जाने का भय सताता है, इसलिए आप लगातार मेरे खिलाफ बोलते रहते हैं। सच तो यह है कि मैं न होता तो आपकी राजनीति ही खत्म हो जाती। मैं आपकी तरह किसी एक परिवार का सेवक नहीं हूं। आपका पूरा राजनीतिक जीवन सत्ता से चिपके रहने का प्रमाण रहा है। मुझे आपसे किसी प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है। आप ध्यान भटकाने की राजनीति करते रहिए, मैं जनसेवा के अपने संकल्प पर प्रतिबद्ध हूं। -गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय मंत्री

यदि शेखावत के खिलाफ कोई ठोस मामला होता तो अशोक गहलोत मुख्यमंत्री रहते हुए कार्रवाई कर सकते थे। उन्होंने कहा कि जांच में शेखावत को क्लीन चिट मिल चुकी है और उन पर लगे आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। -मदन राठौड़, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष

अशोक गहलोत सांस भी लेते हैं तो उसके पीछे कोई न कोई राजनीति होती है। पूर्व मुख्यमंत्री कभी अप्रासंगिक नहीं होते, लेकिन विपक्ष में रहते हुए वे किसी भी बड़े जन आआंदोलन की अगुवाई नहीं कर पाए। -राजेंद्र राठौड़, पूर्व नेता प्रतिपक्ष

राजनीतिक गलियारों में चर्चा: गहलोत के बयान के

बाद शुरू हुई यह जुबानी जंग अब कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधे राजनीतिक टकराव में बदलती दिखाई दे रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक गर्मा सकता है, क्योंकि दोनों दल एक-दूसरे पर लगातार हमलावर है। वहीं राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि गहलोत के ताजा बयान ने कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान को एक बार फिर सार्वजनिक बहस का विषय बना दिया है।

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